Biotechnology: Fundamentals and Application (Hindi) , 3/ed

By Purohit SS, Mathur S

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बायोटेक्नोलोजी 1960 के दशक के बाद विकसित होने वाली विज्ञान की एक नवीन शाखा है। जीवविज्ञान व प्रौद्योगिकी के बीच अन्र्तसम्बधों से इस नई शाखा का जन्म हुआ है। विगत चार दशकों में विकसित विज्ञान की इस शाखा के द्वारा जीवित जीवों का उपयोग लाभकारी उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। यह शाखा नवीन है लेकिन उपादेयता (स्वास्थ्य, भोजन, कृषि उद्योगों, कृषि विज्ञान, जैवऊर्जा व रासायनिक उद्योगों आदि में) की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बायोटेक्नोलोजी विशुद्ध प्राकृतिक विज्ञान न होकर, विज्ञान की विभिन्न शाखाओं, उप-शाखाओं का सम्मिलित एवं समन्वयित विज्ञान है।
इसमें विज्ञान के कई पहलु सम्मिलित हैं जैसे - DNA का संरचनात्मक संगठन, क्छ। की पुनरावृत्ति, DNA व इसके प्रकार, प्रोटीन संश्लेषण, जीन अभिव्यक्ति का नियमन, प्रोटीन्स व एन्जाइम्स की सरंचना इत्यादि।
बायोटेक्नोलोजी की उपादेयता विगत वर्षों में जीवन के प्रत्येक क्षेत्रा में निरन्तर बढ़ रही है। उपयोगिताओं के आयाम इतने विस्तृत है कि उन्हें एक ही कलेवर में प्रस्तुत करना इस पुस्तक के क्षेत्राधिकार के बाहर है। वस्तुत यह प्रयास किया गया है कि बायोटेक्नोलोजी से सम्बन्धित उन सभी विषयों एवं उपादेयताओं को संक्षिप्त में प्रस्तुत करें। हमने उन सभी नवीनतम जानकारियों को समावेशित करने का प्रयास किया गया है जिसे यू.जी.सी. ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किया है।
बायोटेक्नोलोजी की उपलब्धियों को देखते हुए इन विषयों को स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सराहनीय कार्य किया है। इसी ध्येय को आधार मान इस पुस्तक की रचना सरल, सुबोध भाषा व नवीन चित्रों की सहायता से की गई है। आशा है कि प्रस्तुत पुस्तक का यह संस्करण स्वागत योग्य होगा। लेखन की सभी सावधानियों के पश्चात् भी त्राुटियों का होना स्वाभाविक है जो विज्ञजनों की समीक्षा से सुझावों से ही संशोधित हो सकेगी।

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Table of Contents : आण्विक जीवविज्ञान एवं जैवप्रौद्योगिकीः एक परिचय न्यूक्लिक अम्ल प्रोटीन संश्लेषण आनुवांशिक कूट जीन अवधारणा व जीन क्रियाविधि का नियमन जीवाणुओं की आनुवांशिकी ट्रांसपोसोनस या जम्पिंग जीन जीन अभियांत्रिकी या पुर्नयोजी क्छ। तकनीक जीन वाहक का चयन वाहक जीन के साथ इतर जीन को जोड़ना पुर्नयोजी DNA का आतिथेय कोशिका में निवेशन या जीन स्थानान्तरण पुर्नयोजी DNA अणुओं युक्त कोशिकाओं का चयन व गुणन जीन अभिव्यक्ति एवं नियमन rDNA प्रौद्योगिकी में उपयोगी तकनीकें पादप ऊतक संवर्धन तकनीक जंतु ऊतक संवर्धन सूक्ष्मजीव संवर्धन चिकित्सीय जैवप्रौद्योगिकी ट्रांसजेनिक पादप ट्रांसजेनिक पादप के अनुप्रयोग ट्रांसजेनिक जंतु जैवप्रौद्योगिकी में पादप ऊतक संर्वधन उपयोगिताएं खाद्य जैवप्रौद्योगिकी औद्योगिक उत्पाद एवं जैवप्रौद्योगिकी ईघन जैवप्रौद्योगिकी द्वितीयक उपापचयक उत्पादन व जैवप्रौद्योगिकी पर्यावरण संरक्षण में जैवप्रौद्योगिकी नाइट्रोजन स्थिरीकरण

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Author Purohit SS, Mathur S
ISBN 9788188826247
Publisher Agrobios
Year of Publication 2018

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